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शनिवार, 15 दिसम्बर 2018
 
 

सीबीआई अब 'बीजेपी ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन' बन गई

बुधवार, 24 अक्टूबर, 2018  परवेज़ अनवर, सीईओ & एडिटर-इन-चीफ, आईबीटीएन ग्रु
 
 
मोइन कुरैश घूसखोरी केस में सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना की बीच जंग ने बुधवार को नया रूप ले लिया। आधी रात को हुई कार्रवाई के बाद बुधवार को मोदी सरकार ने सीबीआई निदेशक को हटाते हुए तत्काल प्रभाव से संयुक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बना दिया।

आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के बीच आरोप-प्रत्यारोपों को देखते हुए एप्वाइंटमेंट कमेटी ऑफ द कैबिनेट (एसीसी) ने आधी रात को यह फैसला लिया। उसके बाद मोदी सरकार ने राकेश अस्थाना के खिलाफ जांच कर रहे सीबीआई के अन्य कई अधिकारियों का भी तबादला कर दिया। इस तबादले के बाद विपक्षी दलों ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

उधर, अपने खिलाफ कार्रवाई के बाद सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट का रूख किया है। इस मामले पर शुक्रवार को उनकी याचिका पर सुनवाई हो सकती है।

आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना मुद्दे पर बॉम्बे हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर विशेष जांच दल के गठन की मांग की गई है। अर्जी में इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से कराए जाने की मांग हुई है।

शिवसेना सांसद अरविद सावंत ने कहा कि संस्थान जैसे सीबीआई, सीवीसी, न्यायपालिका और चुनाव आयोग ये सभी लोकतंत्र के स्तंभ हैं। यह वाकई दुख की बात है कि सबसे बड़े जांच एजेंसी के चीफ एक-दूसरे को भ्रष्टाचार को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। यह आगामी संसद सत्र में बड़ा मुद्दा बनेगा।

सीबीआई के जांच अधिकारी बस्सी जिन्हें पोर्ट ब्लेयर ट्रांसफर किया गया, उन्होंने मीडिया के सामने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, राजस्थान के झालावाड़ में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ''कल रात चौकीदार ने सीबीआई के डायरेक्टर को हटाया क्योंकि सीबीआई राफेल पर सवाल उठा रही थी।''

विजया माल्या, अगस्तालैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर समेत सभी संवेदनशील केसों की नए सीबीआई के अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव के व्यक्तिगत पर्यवेक्षण में जांच होगी।

सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने एएनआई से कहा, ''हम नहीं जानते हैं कि सीबीआई अन्य मामले जैसे राफेल की जांच कर रही थी। अगर ऐसा केस था तो यह आदेश सरकार, प्रधानमंत्री और अधिकारियों को बचाने के लिए दिया गया। क्यों राकेश अस्थाना के खिलाफ जांच कर रहे डीआईजी को काला पानी की सजा देकर उन्हें अंडमान भेजा गया ?''

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में भ्रष्टाचार को लेकर चल रही कलह के बीच टिप्पणी करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को केंद्रीय जांच एजेंसी को 'बीजेपी ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन' बताया। ममता बनर्जी ने ट्वीट कर कहा, ''सीबीआई अब बीबीआई (बीजेपी ब्यूरोऑफ इन्वेस्टिगेशन) बन गई है। ... यह बहुत दुभार्ग्यपूर्ण है।''

नरेंद्र मोदी सरकार ने बुधवार को सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेज दिया। मोदी सरकार ने सीबीआई निदेशक अलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच एक-दूसरे पर रिश्वत से जुड़े आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच यह फैसला लिया।

केंद्र सरकार ने संयुक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव को सीबीआई निदेशक के कर्तव्यों व कार्यों को संभालने का निर्देश दिया है।

सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को सीधे बर्खास्त नहीं कर सकते थे इसलिए चुपके से और गुप्त रूप से इस काम को अंजाम देना चाहते थे।

कांग्रेस ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के दो शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ उठाए गए कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की प्रमुख जांच एजेंसी की आजादी में आखिरी कील ठोंक दी है।

जेटली ने कहा कि सीबीआई में जो कुछ भी हुआ है उसे लेकर विपक्ष के रवैये से भारतीय जांच एजेंसियों की गुणवत्ता एवं उच्च मानकों को लेकर गहरे संदेह पैदा हो गये थे। सरकार इस बात को लेकर प्रतिबद्ध है कि किसी भी दशा में भारतीय जांच प्रक्रिया उपहास का पात्र ना बने और उसकी विश्वसनीयता बरकरार रहे।

जेटली ने कहा कि दोनों अधिकारियों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। इस मामले में कौन दोषी है और कौन नहीं, यह अभी नहीं कहा जा सकता है। सीबीआई भी इस मामले की जांच नहीं कर सकती है और इसलिए केन्द्रीय सतर्कता आयोग की निगरानी में एसआईटी से पूरे मामले की जांच करायी जाएगी।

वित्त एवं कारपोरेट कार्य मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि भारतीय जांच प्रक्रिया की विश्वसनीयता को बरकरार रखने के लिए एजेंसी के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेजने के साथ उन पर आरोपों की जांच कराने का फैसला लिया गया है।

सीबीआई में चल रहे विवादों पर बुधवार को केन्द्रीय वित्तमंत्री अरूण जेटली ने कहा कि सीबीआई की जांच का अधिकार सीवीसी के पास है, सरकार के पास नहीं। जेटली ने कहा कि डायरेक्टर के ऊपर स्पेशल डायरेक्टर ने आरोप लगाया है। स्पेशल डायरेक्टर के ऊपर डायरेक्टर ने आरोप लगाया है। सीबीआई के दोनों टॉप मोस्ट अधिकारियों पर आरोप है। अब इसकी जांच कौन करेगा? इसकी निष्पक्षता की आवश्यकता है और सारा निष्पक्ष हो रहा है। सरकार इसकी जांच नहीं कर सकती है।

स्पेशल सीबीआई डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ केस की जांच सीबीआई डीआईजी तरूण गौबा, एसपी सतीश डागर और ज्वाइंट डायरेक्टर वी. मुरूगेशन करेंगे।

डीआईजी केशव राम चौरसिया जिन्होंने राकेश अस्थाना के अंदर काम किया था, वे अनिश प्रसाद से स्पेशल यूनिट का कार्यभार संभालेंगे।
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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