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मंगलवार, 19 नवम्बर 2019
 
 

रूस ने बग़दादी की मौत का सबूत क्यों माँगा?

मंगलवार, 29 अक्टूबर, 2019  आई बी टी एन खबर ब्यूरो
 
 
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रविवार को व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके बताया कि चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के प्रमुख अबु बकर अल-बग़दादी ने सीरिया में अमरीका के स्पेशल फ़ोर्स की एक रेड के दौरान ख़ुद को उड़ा लिया।

ये ऑपरेशन उत्तर-पश्चिम सीरिया के इदलिब इलाक़े में हुआ।

इस ख़बर पर दुनिया के अलग-अलग देशों की लगातार प्रतिक्रिया आ रही है।

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने इस्लामिक स्टेट के भगौड़े नेता अबु बकर अल बग़दादी के मारे जाने को एक अहम मोड़ बताया है।

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि बग़दादी का मारा जाना आतंकवाद के ख़िलाफ़ हमारी साझा लड़ाई में एक टर्निंग पॉइंट है। तुर्की आगे भी आतंकवाद के ख़िलाफ़ कोशिशों को सहयोग देगा जैसा कि हमेशा करता आया है।

उन्होंने कहा कि तुर्की ने आईएस, पीकेके/वाईपीजी और दूसरे चरमपंथी संगठनों के ख़िलाफ़ कार्रवाई में बड़ी क़ीमत चुकाई है।

तुर्की के विदेश मंत्री ने पुष्टि की है कि अमरीकी अभियान के दौरान दोनों देशों की सेनाओं के बीच जानकारी साझा की गई थी।

तुर्की से उलट रूस के रक्षा मंत्रालय ने अमरीका की कार्रवाई के दावे पर शक जताया है।

रूस के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इगोर कोनाशेनकफ़ ने कहा कि उन्हें इस बात की पुख़्ता जानकारी नहीं मिली है कि अमरीका ने इस्लामिक स्टेट के पूर्व नेता बग़दादी को एक बार फिर मारने के लिए इदलिब में ऑपरेशन चलाया है।

उन्होंने कहा कि जिस तेज़ी से इस अभियान में शामिल होने वाले देशों की संख्या बढ़ रही है और सब विरोधाभासी जानकारी दे रहे हैं, उससे सवाल भी उठ रहे हैं और शक भी पैदा हो रहा है कि ये अभियान कितना विश्वसनीय है, और ख़ासकर कितना सफल हुआ।

पहले ख़बरें आ रही थीं कि रूस ने भी इस अभियान में भूमिका निभाई है लेकिन रूस के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कोनाशेनकफ़ ने इसका खंडन किया।

उन्होंने कहा कि जिस जगह पर बग़दादी के मारे जाने की ख़बर आ रही है वो इलाक़ा इस्लामिक स्टेट के दुश्मन और जिहादी समूह हयात तहरीर अल-शाम का है तो ऐसे में इस्लामिक स्टेट के पूर्व नेता का वहां पर होना भी अमरीका से सबूत की मांग करता है।

ईरान के सूचना मंत्री मोहम्मद जावेद अज़ारी ने अमरीकी ऑपरेशन पर ट्वीट किया कि ये कोई बड़ी बात नहीं, आपने अपने ही पैदा किए को मारा है।

ईरान के एक न्यूज़ चैनल ईरीन ने भी रूस की तरह ही सवाल उठाया है कि बग़दादी सीरिया के इदलिब में छुपा था जो कि इस्लामिक स्टेट के दुश्मन फोर्स का इलाक़ा है। साथ ही कहा कि ट्रंप बग़दादी की मौत को 2020 में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों में इस्तेमाल करेंगे। चैनल ने 2016 चुनावों में दिए गए ट्रंप के एक बयान की याद दिलाई जिसमें उन्होंने ख़ुद कहा था कि अमरीकी सरकार ने इस्लामिक स्टेट को बनाया है।

ईरान के अधिकारी पहले भी इस्लामिक स्टेट के लिए अमरीका को ज़िम्मेदार ठहराते रहे हैं।

इराक़ के सरकारी टीवी ने दावा किया है कि इराक़ ने अमरीका के नेतृत्व वाली टीम को ख़ुफ़िया जानकारी दी जिससे इस्लामिक स्टेट के मुखिया अबु बकर अल बग़दादी तक पहुंचने में मदद मिली।

इससे पहले भी इराक़ न्यूज़ एजेंसी ने एक खुफ़िया अधिकारी के हवाले से बग़दादी की मौत की पुष्टि की थी।

वहीं, सीरिया के सरकारी मीडिया से काफ़ी तीखी प्रतिक्रिया आई।

सरकारी न्यूज़ एजेंसी सना ने कहा कि कई सालों तक बग़दादी को सीरिया और इराक़ में आतंकवाद के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने के बाद अमरीका के राष्ट्रपति ने आज बग़दादी के मारे जाने की घोषणा की।

अल जज़ीरा न्यूज़ चैनल ने इस न्यूज़ की कवरेज में इस बात पर ख़ासा ज़ोर दिया कि इस अभियान को तुर्की की इजाज़त लिए बिना अंजाम दिया गया और बग़दादी को अमरीकी सैन्यबल ने नहीं मारा, बल्कि बग़दादी ने ख़ुद को मारा।
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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