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मंगलवार, 7 अप्रैल 2020
 
 

नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में देश भर में प्रदर्शन

वृहस्पतिवार, 19 दिसम्बर, 2019  आई बी टी एन खबर ब्यूरो
 
 
पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि भारत के सेना प्रमुख बिपिन रावत का हालिया बयान विवादित नागरिकता क़ानून को लेकर भारत के भीतर हो रहे भारी विरोध प्रदर्शनों से दुनिया का ध्यान हटाने के लिए है। जनरल रावत ने बुधवार को कहा था कि नियंत्रण रेखा पर स्थिति बहुत तनावपूर्ण हैं और किसी भी वक़्त हालात बिगड़ सकते हैं। बिपिन रावत ने कहा था कि भारत इन हालात से निपटने के लिए तैयार है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ़ ग़फ़ूर ने गुरुवार को कहा, ''जनरल बिपिन रावत का बयान भारत में नए नागरिकता क़ानून से ध्यान हटाने की कोशिश है।''

भारत के लोकप्रिय उपन्यासकार चेतन भगत मोदी सरकार पर जमकर हमला कर रहे हैं।

चेतन भगत ने एनआरसी और नए नागरिकता क़ानून का विरोध करते हुए कई ट्वीट किए हैं।

चेतन भगत का कहना है कि नागरिकता क़ानून अकेले कोई मुद्दा नहीं है। लेकिन एनआरसी और नागरिकता क़ानून को साथ देखें तो यह भेदभाव वाला है।

एनआरसी: सभी को साबित करना है कि आप भारतीय हैं।

ग़ैर-मुस्लिम: सर, मेरे पास कोई दस्तावेज़ नहीं है।

सरकार: ठीक है, कोई बात नहीं है। सीएए आपको बचाएगा। आप भारतीय हैं।

मुस्लिम: सर, मेरे पास कोई दस्तावेज़ नहीं है।

सरकार: ये तो बहुत बुरा है। आप भारतीय नहीं हैं। बाहर जाइए।

चेतन भगत ने गीता के एक श्लोक को ट्वीट किया है - ''मै प्रकट होता हूं, मैं आता हूँ, जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब मैं आता हूं, जब जब अधर्म बढ़ता है तब-तब मैं आता हूं, सज्जन लोगों की रक्षा के लिए मै आता हूँ, दुष्टों के विनाश करने के लिए मैं आता हूँ, धर्म की स्थापना के लिए मैं आता हूँ और युग-युग में जन्म लेता हूँ।''

बीबीसीआई प्रमुख और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली की बेटी सना गांगुली ने खुशवंत सिंह की किताब 'दि एंड ऑफ़ इंडिया' के जिस अंश को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था। उसी अंश को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने ट्विटर पर पोस्ट किया है।

हालांकि बाद में सना गांगुली की पोस्ट डिलीट कर दी गई थी। सौरभ गांगुली को अपनी बेटी की पोस्ट पर सफ़ाई देनी पड़ी थी। गांगुली ने कहा था कि उनकी बेटी की उम्र राजनीति समझने लायक नहीं है।

खुशवंत सिंह की किताब 'दि एंड ऑफ़ इंडिया' का वो अंश है- "हर फ़ासीवादी हुकूमत को ऐसे समुदायों और गुटों की ज़रूरत होती है जिसे वह दानव की तरह पेश करके ख़ुद को आगे बढ़ा सके। इसकी शुरुआत एक-दो गुटों से होती है, लेकिन वह वहां रुकता नहीं है। एक अभियान जो नफ़रत पर टिका हो वह सिर्फ़ भय और उन्माद के बूते ही बना रह सकता है। हममें से जो लोग ख़ुद को इसलिए सुरक्षित समझते हैं कि वे मुसलमान या ईसाई नहीं हैं, वे बेवकूफ़ी कर रहे हैं। संघ पहले ही वामपंथी इतिहासकारों और 'पाश्चात्य' रुझान वाले छात्रों पर निशाना साध रहा है। कल उसकी नफ़रत का निशाना स्कर्ट पहनने वाली लड़कियां होंगी, फिर माँस खाने वाले, उसके बाद शराब पीने वाले, विदेशी फ़िल्में देखने वाले, तीर्थयात्रा पर नहीं जाने वाले, दंत मंजन की जगह टूथपेस्ट इस्तेमाल करने वाले, वैद्यों की जगह डॉक्टर के पास जाने वाले, जय श्रीराम कहने की जगह मिलने पर हाथ मिलाने वाले लोग .... होंगे। कोई सुरक्षित नहीं होगा। अगर हम भारत को ज़िंदा रखना चाहते हैं तो हमें इस बात का अहसास होना चाहिए।''

इस पोस्ट को मोदी सरकार के नए नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

स्वराज इंडिया नेता योगेंद्र यादव ने ट्वीट कर लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है। योगेंद्र यादव ने ट्वीट कर कहा है, ''जो गिरफ़्तारी से बच गए हैं वो जंतर-मंतर पहुंचें और विरोध-प्रदर्शन जारी रखें। मैं नज़रबंदी से जैसे ही मुक्त होता हूं सीधे जंतर-मंतर आऊंगा।''

अभिनेता रितिक रौशन ने भी पूरे मामले पर ट्वीट कर चिंता जताई है। रितिक ने ट्वीट कर कहा, ''एक पिता और भारत के नागरिक के तौर पर देश के कई शैक्षणिक संस्थानों में अशांति और गतिरोध से मैं चिंतित हूं। मैं उम्मीद और दुआ करता हूं कि जल्दी ही शांति बहाल हो जाएगी। महान शिक्षक अपने छात्रों से सीखते हैं। मैं दुनिया के सबसे युवा लोकतंत्र को सलाम करता हूं।''

बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने देश भर में नए नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन किया है।

प्रियंका चोपड़ा ने ट्वीट कर कहा है, ''सभी बच्चों के लिए शिक्षा हमारा सपना है। स्वतंत्र रूप से सोचने में शिक्षा मदद करती है। एक सफल लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीक़े से आवाज़ उठाना ज़रूरी है और इस आवाज़ के ख़िलाफ़ हिंसा ग़लत है। हर आवाज़ को शामिल करना ज़रूरी है और हर आवाज़ भारत को बदलने में भूमिका अदा करेगी।''

नागरिकता संशोधन कानून के ख़िलाफ़ लंदन में भारतीय उच्चायोग के सामने विरोध-प्रदर्शन, स्टूडेंट के ख़िलाफ़ कार्रवाई पर मोदी सरकार को घेरा।

दिल्ली के मंडी हाउस से हिरासत में लिए गए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को वहाँ से दूर ले जाने की तैयारियां की जा रही हैं।

दिल्ली में कई इलाकों में प्रदर्शन होने की ख़बरें हैं। प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए पुलिस ने भी पुख्ता इंतज़ाम किए हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट कर कहा है कि सरकार, छात्रों से डर गई है। ये सरकार एक इतिहासकार के द्वारा नागरिक संशोधन कानून और एनआरसी पर मीडिया से बात करने और गांधीजी का पोस्टर हाथ में लेने से डर गई है। मैं राम गुहा को हिरासत में लेने के कदम की निंदा करती हूँ। हम हिरासत में लिए गए सभी लोगों के साथ अपनी पूरी एकजुटता प्रदर्शित करते हैं।

राजदीप सरदेसाई ने ट्ववीट किया कि इस युवा छात्र मिनाजुद्दीन ने अपनी आंख खो दी है। उसका अपराध? जब पुलिस लाइब्रेरी में दाखिल हुई तो वह जामिया लाइब्रेरी में पढ़ रहा था! क्या किसी सरकार के मंत्री के पास भी इस जवान छात्र के लिए शोक शब्द होगा? किस पर दया करें?

राजदीप सरदेसाई के ट्ववीट को शेयर करते हुए हरभजन सिंह ने ट्ववीट कर पूछा है कि क्या उसका अपराध ये था कि वो इंसान है......उसके साथ जो कुछ हुआ उसे सुनकर बहुत दुख हुआ। दिल्ली में जो कुछ हो रहा है, उससे दुखी हूं और ये रुकना चाहिए।

कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ ज़िले में 21 दिसंबर तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। मगर इसके बावजूद वामपंथी दलों ने वहाँ विरोध प्रदर्शन किया। हैदराबाद, चेन्नई और चंडीगढ़ में भी विरोध प्रदर्शन की ख़बरें आ रही हैं। बैंगलुरू में इतिहासकार और गांधीवादी रामचंद्र गुहा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

आशुतोष उज्जवल ने ट्ववीट किया कि 'भारत गांधी के बाद' किताब का टाइटल आज पूरा हुआ।

पत्रकार अजित अंजुम ने ट्ववीट किया कि बाहर निकलोगे और विरोध करोगे तो पकड़े जाओगे। यही फरमान है सरकार का। गांधी और आज़ादी पर लिखने वाले इतिहासकार @Ram_Guha जब #CAA_NRC के विरोध में बेंगलुरु की सड़क पर एक प्ले कार्ड लेकर निकले तो कैसे इन्हें धकियाकर पकड़ा गया, देखिए और समझिए कि कहां जा रहे हैं हम।

दिल्ली मेट्रो ने कई स्टेशनों के एंट्री और एक्ज़िट गेट बंद कर दिए गए हैं। दिल्ली मेट्रो के मुताबिक सुरक्षा इंतजामों के मद्देनज़र बाराखंभा, वसंत विहार, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक, कोल कल्याण मार्ग, उद्योग भवन, आईटीओ, प्रगति मैदान, ख़ान मार्केट को बंद कर दिया गया है।

इन स्टेशनों पर मेट्रो ट्रेन नहीं रुक रही हैं। उधर, बेंगलुरु में प्रदर्शन में शामिल हुए जाने-माने इतिहासकार रामचंद्र गुहा को हिरासत में ले लिया गया है।

वहाँ मौजूद बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा ने बताया है कि पुलिस ने स्वराज पार्टी के नेता योगेंद्र यादव समेत कई लोगों को हिरासत में ले लिया है। दिल्ली के कई इलाक़ों में टेलीकॉम सेवाओं पर भी असर हुआ है। टेलीकॉम कंपनी एयरटेल और वोडाफ़ोन - आईडिया ने उपभोक्ताओं की शिकायत के जवाब में कहा है कि दिल्ली के कुछ इलाक़ों में इंटरनेट सेवा निलंबित की गई है। हालाँकि बाद में एयरटेल के कस्टमर केयर विभाग ने इन ट्वीट को डिलीट कर दिया।

वामपंथी दलों ने गुरुवार को भारत बंद का आह्वान किया था। कई अन्य राजनैतिक दलों और संगठनों ने भी समर्थन किया। भारत की राजधानी दिल्ली में प्रशासन ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। दिल्ली में योगेंद्र यादव और बेंगलुरु में रामचंद्र गुहा हिरासत में लिए गए।
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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