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शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2020
 
 

कश्मीर विवाद: फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कश्मीर और चीन पर बड़ी टिप्पणी की

सोमवार, 12 अक्टूबर, 2020  आई बी टी एन खबर ब्यूरो
 
 
भारत में कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने अनुच्छेद 370 हटाने को लेकर एक बड़ा बयान दिया है, जिस पर विवाद हो गया है।

उन्होंने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ गतिरोध के लिए अनुच्छेद 370 हटाने के केंद्र की मोदी सरकार के फ़ैसले को ज़िम्मेदार ठहराया है। साथ ही उम्मीद जताई कि चीन की कोशिशों से अनुच्छेद 370 फिर से बहाल होगी।

उन्होंने इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ''हमने अनुच्छेद 370 हटाने को कभी स्वीकार नहीं किया है। जो इन्होंने पाँच अगस्त को किया है, वो यहाँ कबूल करने के लिए कोई तैयार नहीं है।''

चीन से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, ''वो लद्दाख में जो कुछ भी कर रहे हैं, वो अनुच्छेद 370 हटाने के कारण है, जिसे उन्होंने कभी स्वीकर नहीं किया है। अल्लाह करे कि उनके इस ज़ोर से हमारे लोगों को मदद मिले और अनुच्छेद 370 और 35ए जम्मू-कश्मीर में बहाल हो।''

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने आगे कहा, ''मैंने कभी चीन के राष्ट्रपति को यहाँ नहीं बुलाया। हमारे प्रधानमंत्री ने उन्हें गुजरात में बुलाया, उन्हें झूला भी झुलाया। वो उन्हें चेन्नई भी ले गए और उनके साथ खाना खाया। लेकिन, उन्हें ये पसंद नहीं आया और उन्होंने अनुच्छेद 370 को लेकर ये कहा कि हमें ये कबूल नहीं है। जब तक आप अनुच्छेद 370 को बहाल नहीं करेंगे तब तक हम रुकने वाले नहीं हैं।''

उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें संसद में जम्मू-कश्मीर की समस्याओं पर बोलने की भी अनुमति नहीं है।

भारत में मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 को ख़त्म कर दिया था। इसके बाद राज्य का पुनर्गठन कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बाँट दिया था।

जम्मू-कश्मीर के बड़े राजनीतिक दल नेशनल कॉन्फ़्रेंस और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने इसका कड़ा विरोध किया था।

जम्मू-कश्मीर के कई बड़े नेताओं को लंबे समय तक नज़रबंद रखा गया। इनमें फ़ारूक़ अब्दुल्लाह और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह और महबूबा मुफ़्ती भी शामिल थे।

उमर अब्दुल्लाह और फ़ारूक़ अब्दुल्लाह की तो नज़रबंदी ख़त्म कर दी गई है। लेकिन महबूबा मुफ़्ती अब भी नज़रबंद हैं।
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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