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शुक्रवार, 23 अप्रैल 2021
 
 

फ़ेसबुक ने ऑस्ट्रेलिया के यूज़र्स को न्यूज़ देखने और शेयर करने पर रोक लगाई

वृहस्पतिवार, 18 फ़रवरी, 2021  आई बी टी एन खबर ब्यूरो
 
 
फ़ेसबुक ने ऑस्ट्रेलिया के यूज़र्स के लिए अपने प्लेटफ़ॉर्म पर कोई न्यूज़ कॉन्टेंट देखने या शेयर करने पर रोक लगा दी है। इससे ऑस्ट्रेलिया में लोगों को सूचना हासिल करने में दिक़्क़त हो रही है। ऑस्ट्रेलिया के लोग जब गुरुवार, 18 फ़रवरी 2021 की सुबह जगे तो फ़ेसबुक पर स्थानीय और विदेशी सभी न्यूज़ वेबसाइट बंद थे।

यहाँ तक कि गुरुवार, 18 फ़रवरी 2021 को सरकार के हेल्थ और आपातकालीन फ़ेसबुक पेज भी बंद थे। हालाँकि बाद में फ़ेसबुक ने इन्हें खोल दिया। ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने कहा है कि यह प्रतिबंध फ़ेसबुक की विश्वसनीयता के लिए ख़तरा है। जो ऑस्ट्रेलिया से बाहर हैं, वे भी ऑस्ट्रेलियाई न्यूज़ प्रकाशन फ़ेसबुक पर नहीं देख पा रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया के प्रतिस्पर्धा नियामक ने कहा है कि वह गूगल और फ़ेसबुक जैसी टेक कंपनियों और प्रकाशकों के बीच मुनाफ़े को संतुलित करना चाहता है। वहीं फ़ेसबुक का कहना है कि उसे दो कड़े विकल्पों के बीच छोड़ दिया है- एक ये कि क़ानून पालन करने पर मजबूर किया जा रहा है जो हक़ीक़त और संबंधों की उपेक्षा कर रहा है या फिर ऑस्ट्रेलिया में न्यूज़ कॉन्टेंट को अपने प्लेटफॉर्म पर साझा करने या देखने की अनुमति ना दूं।

फ़ेसबुक ने कहा कि उसने भारी मन से दूसरे को चुनने का फ़ैसला किया है। ऑस्ट्रेलिया के प्रकाशकों को भी अपने फ़ेसबुक पेज पर कोई भी लिंक शेयर करने से रोक दिया गया है। द नेशनल ब्रॉडकास्टर, एबीसी, द सिडनी मॉर्निंग हेरल्ड और द ऑस्ट्रेलियन के लाखों फॉलोवर्स फ़ेसबुक पर हैं।

फ़ेसबुक ने कहा है कि उसने रेफरल के ज़रिए ऑस्ट्रेलियाई प्रकाशकों को पिछले से 31.6 करोड़ डॉलर कमाने में मदद की थी जबकि उसे न्यूज़ के ज़रिए बहुत कम कमाई हुई है।

ऑस्ट्रेलिया के इस क़ानून से फ़ेसबुक और गूगल जैसी कंपनियाँ न्यूज़ सामग्री के लिए पैसे भुगतान करने पर मजबूर होंगी। दुनिया के इस पहले क़ानून का उद्देश्य है कि मीडिया कंपनियों को अमेरिका की इस टेक कंपनी के कारण विज्ञापनों से मिलने वाले मुनाफ़े के नुक़सान को कम किया जा सके।

अगर यह क़ानून लागू हो जाता है तो टेक कंपनियों के लिए इसका वैश्विक महत्व होगा। न्यूज़ तक लोगों की पहुँच को लेकर भी कई तरह की बहस जन्म ले सकती है। लेकिन फ़ेसबुक ने इसकी प्रतिक्रिया में ऑस्ट्रेलिया में न्यूज़ सामग्री को अपने प्लेटफॉर्म पर आने से रोकने का फ़ैसला किया है।

लंबे समय से इस बात की चिंता जताई जा रही थी कि मीडिया ऑर्गेनाइज़ेशन पर टेक कंपनियों का दबदबा बढ़ रहा है। ऑस्ट्रेलिया में गूगल का सर्च इंजन के तौर पर दबदबा है। वहाँ की सरकार इसे उपयोगी और ज़रूरी साधन के तौर पर देखती है लेकिन इसे लेकर कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है।

2018 में ऑस्ट्रेलियाई सरकार के नियामक ने एक जाँच बैठाई। इस जाँच में मीडिया और विज्ञापन में गूगल और फ़ेसबुक के प्रभाव की जाँच की गई। इस जाँच में ऑस्ट्रेलियाई कॉम्पिटिशन एंड कंज्युमर कमिशन ने पाया कि गूगल और फ़ेसबुक स्थानीय मीडिया कंपनियों पर भारी पड़ रही हैं। इसी जाँच में आचार संहिता बनाने की सिफ़ारिश की गई।
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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