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शुक्रवार, 23 अप्रैल 2021
 
 

इंडोनेशिया और पूर्वी तिमोर में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 70 से अधिक हुई

सोमवार, 5 अप्रैल, 2021  आई बी टी एन खबर ब्यूरो
 
 
इंडोनेशिया में अधिकारियों ने कहा है कि इंडोनेशिया और पूर्वी तिमोर में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन और बाढ़ के कारण अब तक 70 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप में कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है जिसके बाद वहां बांधों के ऊपर से पानी बह रहा है। यहां कम से कम सात गांव के हज़ारों घर पानी में पूरी तरह डूब गए हैं।

अब तक 40 से अधिक लोग लापता हैं और अधिकारियों का कहना है कि मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है।

टेलीविज़न पर प्रसारित एक संदेश में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने बाढ़ में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है।

यहां लगातार हो रही बारिश के कारण कई बांध लबालब भर गए हैं और पानी अब उनके ऊपर से बह रहा है, जिस कारण कई द्वीपों पर हज़ारों घर तबाह हो गए हैं।

बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाक़ा पूर्वी इंडोनेशिया के फ़्लोर्स द्वीप से लेकर पड़ोसी देश तिमोर लेस्ते (पूर्वी तिमोर) तक फैला हुआ है।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। उनका कहना है कि राहतकर्मी बचे हुए लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

इंडोनेशिया के आपदा बचाव एजेंसी के प्रवक्ता रादित्य जाती ने पत्रकारों को बताया, ''चार उप-ज़िलों और सात गांवों पर बाढ़ का बुरा असर पड़ा है।''

उन्होंने कहा, ''फ़ील्ड में मौजूद हमारी टीम से हमने आंकड़ों की पुष्टि की है। हमने पाया है कि 41 लोगों की मौत हुई है जबकि 27 लोग ग़ायब हैं और नौ लोग घायल हैं।''

हालांकि, पूर्वी फ़्लोर्स के उप राज्य-संरक्षक ऑगस्तिनस पयोंग बोली ने कहा है कि उनकी नगरपालिका में कम से कम 60 लोगों की मौत का अनुमान है। इंडोनेशिया के राष्ट्रीय प्राधिकरण ने इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है।

समाचार एजेंसी एएफपी को उन्होंने बताया, ''इनमें से क़रीब 55 लोग एक ही गांव से हैं। अधिकतर लोगों की मौत इसलिए हुई क्योंकि उनके गांव में भूस्खलन के साथ-साथ बाढ़ का पानी भी घुस आया।''

वहीं, तिमोर लेस्ते की राजधानी दिली में 11 लोगों की मौत हुई है।

तिमोर के नागरिक सुरक्षा सचिव ने बताया है कि आपदा प्रभावित इलाक़ों में लोगों को तलाशने का काम जारी है।

द्वीप के बाढ़ प्रभावित इलाक़ों से लोगों को निकाल कर सुरक्षित जगहों पर ले जाया जा रहा है। कइयों को नज़दीकी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में भी शिफ्ट किया गया है।

नवंबर से लेकर मार्च के महीने तक इंडोनेशिया में मॉनसून का सीज़न होता है। इस दौरान यहां बाढ़ और भूस्खलन जैसे प्राकृतिक हादसे होते रहते हैं।
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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