• Name
  • Email
रविवार, 20 जून 2021
 
 

घर-घर राशन डिलीवरी योजना पर केंद्र की बात मानने को तैयार: अरविंद केजरीवाल

मंगलवार, 8 जून, 2021  आई बी टी एन खबर ब्यूरो
 
 
दिल्ली में घर-घर राशन डिलीवरी योजना पर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और बीजेपी एक दूसरे के ऊपर सियासी वार पलटवार कर रही हैं। ताज़ा घटनाक्रम में मंगलवार को दिल्ली सरकार घर-घर राशन योजना में केंद्र सरकार के सभी बदलाव मानने पर राज़ी हो गई है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिख कर बताया है कि केंद्र जो भी बदलाव करना चाहती है वो उसके लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा, ''अगर केंद्र को कोई आपत्ति है तो मैं उनकी सारी बातें मानने के लिए तैयार हूँ। लेकिन घर-घर राशन स्कीम लागू करें।''

केजरीवाल ने कहा, ''बैठ जाएं हमारे साथ, आज घोषणा कर दें कि वो ये स्कीम लागू करने के लिए तैयार हैं केजरीवाल जी कर दें। मैं गारंटी दे रहा हूं सारी चीज़ें उनकी मान लेंगे हम। बैठ कर करें तो सही। ये कहना बंद कर दें कि तुम अपनी योजना चलाओ हम अपनी चलाएंगे। ऐसे सरकारें चलती हैं, देश चलता है।''

''ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार सबसे लड़ रही है। ममता जी से लड़ रही है, पश्चिम बंगाल से लड़ रही है, दिल्ली वालों से लड़ रही है, लक्षद्वीप से लड़ रही है, किसान से लड़ रही है, महाराष्ट्र से लड़ रही है।''

''केंद्र सरकार से हाथ जोड़कर कहना चाहता हूँ कि कोरोना का टाइम है सबसे मिलकर एक साथ काम करो। सबके साथ मिल कर चलो। प्यार मोहब्बत से काम करो। इस वक़्त राज्य सरकारों को सबसे ज़्यादा केंद्र सरकार की ज़रूरत है। हम लोगों को सबसे ज़्यादा केंद्र सरकार की ज़रूरत है।''

प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में केजरीवाल ने लिखा, ''अभी तक की सरकारों ने देश के ग़रीब लोगों को 75 सालों तक लाइनों में खड़ा रखा है। इन्हें और अगले 75 साल तक राशन की लाइनों में खड़ा मत कीजिए। ये लोग मुझे और आपको कभी माफ़ नहीं करेंगे।''

पूरा मामला क्या है?

केजरीवाल ने घर-घर राशन डिलीवरी योजना को लागू करने की अनुमति देने का अनुरोध करते हुए दावा किया कि केंद्र ने इस योजना के लागू होने से पहले ही अड़ंगा लगा दिया है।

दिल्ली सरकार ने शनिवार, 05 जून 2021 को कहा था कि उप-राज्यपाल ने राशन योजना को ख़ारिज कर दिया है क्योंकि योजना के लिए केंद्र से मंज़ूरी नहीं ली गई थी तथा इस बाबत मामला उच्च न्यायालय में लंबित है।

लेकिन दिल्ली से छपने वाले कुछ अख़बारों ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया कि दिल्ली के उप-राज्यपाल ने केजरीवाल सरकार के इस प्रस्ताव को ख़ारिज नहीं किया है, जैसा दिल्ली सरकार चित्रित कर रही है।

केजरीवाल ने यह दलील भी दी थी कि 'उन्हें इस योजना के लिए केंद्र की मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं थी, लेकिन उन्होंने शिष्टाचार के चलते ऐसा किया'।

इस पर बीजेपी प्रवक्ता हरीश खुराना ने कहा था, ''केजरीवाल को यह समझना होगा कि सरकार तो संविधान और क़ानून के हिसाब से ही चलेगी। एनएफ़एसए एक़्ट कहता है कि कोई नई योजना शुरू करने के लिए केंद्र की मंज़ूरी ज़रूरी है।''

इससे पहले केंद्र सरकार ने अपने बयान में कहा था कि दिल्ली सरकार जिस तरह चाहे राशन का वितरण करे, उसने दिल्ली सरकार को रोका नहीं है।
 
 
 
 
 
 
 
 
 

खास खबरें

 
भारत के राज्य बिहार में सीओवीआईडी की पहली और दूसरी लहर में वायरस संक्रमण के कारण 9 जून 2021 तक 9429 मौतें हो चुकी हैं। 9 जून 2021 तक ये आंकड़ा 5478 का था जिसमें 3951 अतिरिक्त ...
मॉस्को की एक कोर्ट ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के आलोचक एलेक्सी नवेनली के राजनीतिक संगठन को प्रतिबंधित कर दिया है और इसे 'चरमपंथी' बताया है। अगर इस संगठन का कोई कार्यकर्ता काम ...
 

खेल

 
न्यूज़ीलैंड का मुक़ाबला करने वाली विराट कोहली की टीम में तीन तेज़ गेंदबाज़ और दो स्पिनरों को जगह दी गई है। यानी भारत ने पांच गेंदबाज़ों को आजमाने का फ़ैसला किया है ...
 
शनिवार, 19 जून 2021 को भारत के राज्य पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मिल्खा सिंह के घर जाकर उनके परिवार को सांत्वना दी और उनके प्रति सम्मान जताया ...
 

देश

 
कपिल सिब्बल कांग्रेस के उन 23 नेताओं में शामिल थे जिन्होंने साल 2020 में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर पार्टी में सार्थक सुधारों की मांग की थी और इसके बाद पार्टी में सियासी तूफान ...
 
युद्ध के इतिहास को समय से प्रकाशित होने पर लोगों को घटनाओं की सही जानकारी मिलेगी, शैक्षिक रिसर्च के लिए प्रमाणिक सामग्री उपलब्ध होगी और साथ ही इससे ग़ैर ज़रूरी अफ़वाहों को दूर करने में ...