• Name
  • Email
रविवार, 20 जून 2021
 
 

म्यांमार: आंग सान सू ची के ख़िलाफ़ सबसे गंभीर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज

वृहस्पतिवार, 10 जून, 2021  आई बी टी एन खबर ब्यूरो
 
 
म्यांमार के सैन्य प्रशासन ने अपदस्थ नेता आंग सान सू ची के ख़िलाफ़ अब तक का सबसे गंभीर भ्रष्टाचार का मुक़द्दमा दर्ज किया है।

सू ची पर रिश्वत के रूप में नक़द और सोना लेने के आरोप हैं जिस मामले में दोषी पाए जाने पर सू ची को 15 साल की जेल हो सकती है।

इसके अलावा सू ची पर छह और मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें अवैध रूप से वॉकी-टॉकी आयात करने और सार्वजनिक अशांति फैलाने के आरोप हैं।

1 फ़रवरी 2021 को सैन्य तख़्तापलट के बाद पूर्व स्टेट काउंसलर सू ची को गिरफ़्तार कर लिया गया था।

तभी से सू ची घर में नज़रबंद हैं और कभी-कभी ही कोर्ट में नज़र आती हैं।

सैन्य काउंसिल की ओर से गुरुवार, 10 जून 2021 को जारी की गई प्रेस रिलीज़ में कहा गया था कि सू ची ने 6 लाख डॉलर रिश्वत के रूप में और सात सोने के टुकड़े लिए थे।

इसमें आरोप लगाए गए हैं कि नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी की पिछली नागरिक सरकार ने ज़मीन सौदे में काफ़ी पैसा बहाया है। सू ची के अलावा कई पूर्व अधिकारियों के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार और रिश्वत के मुक़दमे दर्ज किए गए हैं।

इससे पहले सू ची के ख़िलाफ़ ऑफ़िशियल सिक्रेट एक्ट को तोड़ने का मामला दर्ज किया गया था जिसमें 14 साल की जेल की सज़ा हो सकती है।
 
 
 
 
 
 
 
 
 

खास खबरें

 
भारत के राज्य बिहार में सीओवीआईडी की पहली और दूसरी लहर में वायरस संक्रमण के कारण 9 जून 2021 तक 9429 मौतें हो चुकी हैं। 9 जून 2021 तक ये आंकड़ा 5478 का था जिसमें 3951 अतिरिक्त ...
भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार बीते चौबीस घंटों में देश में कोरोना संक्रमण के 94,052 नए मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं सीओवीआईडी-19 के कारण भारत में बीते चौबीस घंटों में ...
 

खेल

 
न्यूज़ीलैंड का मुक़ाबला करने वाली विराट कोहली की टीम में तीन तेज़ गेंदबाज़ और दो स्पिनरों को जगह दी गई है। यानी भारत ने पांच गेंदबाज़ों को आजमाने का फ़ैसला किया है ...
 
शनिवार, 19 जून 2021 को भारत के राज्य पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मिल्खा सिंह के घर जाकर उनके परिवार को सांत्वना दी और उनके प्रति सम्मान जताया ...
 

देश

 
कपिल सिब्बल कांग्रेस के उन 23 नेताओं में शामिल थे जिन्होंने साल 2020 में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर पार्टी में सार्थक सुधारों की मांग की थी और इसके बाद पार्टी में सियासी तूफान ...
 
युद्ध के इतिहास को समय से प्रकाशित होने पर लोगों को घटनाओं की सही जानकारी मिलेगी, शैक्षिक रिसर्च के लिए प्रमाणिक सामग्री उपलब्ध होगी और साथ ही इससे ग़ैर ज़रूरी अफ़वाहों को दूर करने में ...