• Name
  • Email
बुधवार, 20 अक्टूबर 2021
 
 

मर्केल और बेनेट ने भविष्य के फ़लीस्तीन को लेकर सार्वजनिक रूप से असहमति जताई

सोमवार, 11 अक्टूबर, 2021  आई बी टी एन खबर ब्यूरो
 
 
16 सालों तक जर्मनी की सत्ता में रहने के बाद एंगेला मर्केल अपना पद छोड़ रही हैं। लेकिन पद छोड़ने से पहले वह बतौर चांसलर अपने अंतिम इसराइल दौरे पर हैं।

रविवार, 10 अक्टूबर 2021 को एंगेला मर्केल ने इसराइल के प्रधानमंत्री नेफ़्टाली बेनेट के साथ मुलाक़ात की।

इस मुलाक़ात के बाद एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेस में जर्मन चांसलर ने कहा कि ईरान के साथ न्यूक्लियर डील को लेकर होने वाली बातचीत एक बेहद निर्णायक दौर में है।

एंगेला मर्केल ने ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते को दोबारा से अस्तित्व में लाने को लेकर जर्मनी की प्रतिबद्धता पर भी ज़ोर दिया।

एंगेला मर्केल ने कहा कि जैसे-जैसे न्यूक्लियर डील के लिए एक-एक दिन बीत रहा है, वैसे-वैसे हर रोज़ ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन को बढ़ा रहा है।

मर्केल ने ईरान को वियना समझौते के तहत दोबारा वार्ता के लिए लाने को लेकर विश्व शक्तियों की भागीदारी का आह्वान किया।

एंगेला मर्केल ने कहा, ''मैं रूस और चीन के लिए इसे एक बड़ी ज़िम्मेदारी के तौर पर देखती हूँ।''

अपने संबोधन में एंगेला मर्केल ने कहा कि हर जर्मन सरकार के लिए इसराइल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने एकतरफ़ा फ़ैसले लेते हुए ईरान से परमाणु समझौता तोड़ दिया था। इसकी प्रतिक्रिया में ईरान ने भी ख़ुद को परमाणु समझौते से अलग कर लिया था। सत्ता में बाइडन के आने के बाद से अमेरिका और यूरोपीय देश ईरान को दोबारा से इस समझौते के तहत लाने में लगे हैं।

हालांकि मर्केल ने कहा, ''मैंने कभी भी जेसीपीओए को आदर्श नहीं माना, लेकिन कोई समझौता ना होने से तो यह बेहतर ही है।''

इसराइल के पीएम बेनेट ने भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम को दुनिया के लिए ख़तरा बताया और कहा कि इसराइल, ईरान को रोकने के लिए जो होगा वो करेगा।

इससे पहले एक विशेष कैबिनेट बैठक के दौरान बेनेट ने कहा कि हमारे लिए यह एक रणनीतिक समस्या नहीं बल्कि अस्तित्व की समस्या है।

बेनेट ने कहा कि पिछले तीन सालों में ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम संवर्धन को तेज़ी से बढ़ाया है।

हालांकि मर्केल और बेनेट ने भविष्य के फ़लीस्तीन को लेकर सार्वजनिक रूप से असहमति जताई।

मर्केल ने फ़लीस्तीन के मुद्दे पर कहा, ''मुझे लगता है कि भले ही आज इस बिंदु पर दो राज्य समाधान की बात निराशाजनक लगती है लेकिन फिर भी इसे बातचीत के दौरान नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए। इसे दफ़न नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही ये भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि फ़लस्तीनी सुरक्षित रह सकें।''

मर्केल ने कहा कि फ़लस्तीनी जिन क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों की मांग कर रहे हैं उस पर इसराइली बंदोबस्त निर्माण व्यर्थ था।

इसके जवाब में बेनेट ने कहा, ''हम फ़लस्तीनियों की अनदेखी नहीं कर रहे हैं।''

''वे हमारे पड़ोसी हैं। ना तो वे कहीं जा रहे हैं और ना तो हम कहीं जा रहे हैं।''

वेस्ट बैंक के संदर्भ में बेनेट ने कहा कि भले ही फ़लीस्तीन हमारा पड़ोसी है लेकिन अपने अनुभवों से हमने सीखा है कि फ़लीस्तीनी राज्य को पनपने देने का मतलब है कि एक आतंकवादी राज्य को अपने घर से महज़ सात मिनट की दूरी पर पनपने देना।

बेनेट ने कहा, ''मैं एक बहुत ही व्यवहारिक शख़्स हूँ और हम सभी के लिए चीज़ों को आसान बनाने के लिए ज़मीनी स्तर पर काफ़ी कुछ कर रहे हैं।''

बतौर चांसलर यह मर्केल की आठवीं और अंतिम इसराइल यात्रा है, क्योंकि वह अब पद छोड़ रही है।
 
 
 
 
 
 
 
 
 

खास खबरें

 
चीन ने कहा है कि वे भारत के उप-राष्ट्रपति एम. वैंकेया नायुडू के हालिया अरुणाचल प्रदेश दौरे का विरोध करता है। चीन के विदेश विभाग के प्रवक्ता ज़ाओ लिजियान ने बुधवार, 13 अक्टूबर 2021 को ...
भारत के राज्य केरल में भारी बारिश और बाढ़ के कारण नौ लोगों की जान चली गई है और 20 लोग लापता हैं। केरल के कोट्टायम और इडुक्की ज़िलों में घरों के मलबे और भूस्खलन के बीच ...
 

खेल

 

देश

 
भारत के जम्मू संभाग में नियंत्रण रेखा से सटे पुंछ ज़िले के घने जंगलों में छिपे आतंकवादियों ने गुरुवार, 14 अक्टूबर 2021 की देर शाम भारतीय सेना की टुकड़ी पर एक दफा फिर घात लगा ...
 
भारत में शिवसेना नेता और सांसद संजय राउत ने रविवार, 17 अक्टूबर 2021 को बीजेपी और केंद्र सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया ...