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सोमवार, 4 जुलाई 2022
 
 

अग्निपथ विरोधी प्रदर्शनों में हिंसा: बिहार में अब तक 161 एफआईआर और 922 गिरफ़्तार

सोमवार, 20 जून, 2022  आई बी टी एन खबर ब्यूरो
 
 
अग्निपथ पर अखिलेश यादव: सरकार कॉरपोरेट पर अतिरिक्त टैक्स लगाए, लेकिन सुरक्षा से समझौता न करे

भारत में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और भारत के राज्य उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अग्निपथ योजना को लेकर एक बार फिर मोदी सरकार और बीजेपी की आलोचना की है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि अग्निपथ स्कीम सरकार ने बनाई है, इसलिए सरकार और सत्ताधारी दल के प्रवक्ता किसी और को आगे न करें।

दरअसल अग्निपथ योजना को लेकर सेना प्रमुखों को आगे किए जाने का आरोप कांग्रेस ने भी लगाया है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा है कि 75 सालों में पहली बार सरकार के नीतिगत फ़ैसले के बचाव के लिए सेनाध्यक्षों को आगे किया जा रहा है। अखिलेश यादव ने बजट की बात भी की और कहा कि सरकार इसके लिए अतिरिक्त कॉरपोरेट टैक्स लगाए लेकिन देश की सुरक्षा के साथ समझौता न करे।

अखिलेश यादव ने कहा, ''अमीर उद्योपतियों की आय की सुरक्षा से अधिक ज़रूरी है देश की सुरक्षा इसीलिए जो भी बजट कम पड़ रहा है, उसके लिए सरकार कॉरपोरेट पर अतिरिक्त कर लगाए, लेकिन देश की सुरक्षा के साथ समझौता न करे।''

जब से मोदी सरकार ने सेना में भर्ती को लेकर अग्निपथ योजना की घोषणा की है, इसे लेकर विवाद चल रहा है। देश के कई राज्यों में इसे लेकर युवाओं ने हिंसक प्रदर्शन किया है।

सबसे ज़्यादा बवाल बिहार में हुआ, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनों में आग लगा दी और आगजनी भी की। इस बीच केंद्र सरकार ने अग्निपथ स्कीम में कुछ बदलाव भी किए और कई नौकरियों में अग्निवीरों को प्राथमिकता देने की भी बात कही। अग्निपथ योजना को लेकर तीनों सेनाध्यक्ष कई बार मीडिया के सामने आ चुके हैं। चूँकि ये मामला सेना की भर्ती से जुड़ा है, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेनाध्यक्षों की मौजूदगी में ही इस योजना का ऐलान किया था।

अग्निपथ योजना पर सेनाध्यक्षों को क्यों आगे ला रही है मोदी सरकार, मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूछा

भारत में राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने अग्निपथ योजना को लेकर सेनाध्यक्षों को आगे किए जाने पर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है।

उन्होंने ट्वीट कर लिखा है- 75 सालों में पहली बार सरकार के नीतिगत फ़ैसले के बचाव के लिए सेनाध्यक्षों को आगे किया जा रहा है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने ये भी पूछा है कि अग्निपथ स्कीम को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री क्यों चुप हैं?

अग्निपथ स्कीम के ख़िलाफ़ 24 जून 2022 को संयुक्त किसान मोर्चा का विरोध प्रदर्शन

भारत में संयुक्त किसान मोर्चा ने मोदी सरकार की अग्निपथ योजना के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैट ने ट्वीट करके बताया है कि 24 जून 2022 को देशभर में विरोध प्रदर्शन होगा।

भारत के राज्य हरियाणा के करनाल में संयुक्त किसान मोर्चा की समन्वय समिति की बैठक में ये फ़ैसला हुआ। संयुक्त किसान मोर्चा ने युवा, नागरिक संगठनों और पार्टियों से इस विरोध प्रदर्शन से जुड़ने की अपील की है। संयुक्त किसान मोर्चा का ये भी कहना है कि भारतीय किसान यूनियन 30 जून 2022 के प्रदर्शन की बजाय 24 जून 2022 को प्रदर्शन में शामिल रहेगा।

जब से मोदी सरकार ने सेना में भर्ती की अग्निपथ योजना की घोषणा की है, इसका काफ़ी विरोध हो रहा है। ज़्यादातर विपक्ष इसके ख़िलाफ़ है। कई विपक्षी दलों ने मोदी सरकार से इस योजना को वापस लेने की मांग की है।

भारत के कई हिस्सों में इसे लेकर हिंसक प्रदर्शन हुए हैं। ख़ासकर बिहार में प्रदर्शनकारियों ने ख़ूब आगजनी की। लेकिन केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि योजना वापस नहीं ली जाएगी। सेना ने तो अग्निपथ योजना के तहत नियुक्ति के लिए अधिसूचना भी जारी कर दी है।

अग्निपथ विरोधी प्रदर्शनों के कारण सोमवार, 20 जून 2022 को 595 ट्रेनें रद्द की गईं

भारतीय सेना में भर्ती की नई योजना अग्निपथ के विरोध में भारत के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण रेल यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।

सोमवार, 20 जून 2022 को इस योजना का विरोध कर रहे संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया था।

समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, अग्निपथ विरोधी प्रदर्शनों के कारण देश भर में सोमवार, 20 जून 2022 को 595 से भी अधिक ट्रेनें रद्द की गईं। इनमें 208 मेल और एक्सप्रेस गाड़ियां थीं और 379 पैसंजर ट्रेनें थीं।

भारतीय रेलवे ने बताया कि चार मेल/एक्सप्रेस गाड़ियां और 6 पैसंजर ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द की गईं।

अग्निपथ विरोधी प्रदर्शनों में हिंसा: भारत के राज्य बिहार में अब तक 161 एफआईआर और 922 गिरफ़्तार

अग्निपथ विरोधी प्रदर्शनों के कारण भारत के कई हिस्सों में पिछले तीन-चार दिनों में कुछ जगहों पर हिंसा, आगजनी और सरकारी संपत्ति को नुक़सान पहुंचाने के मामले सामने आए हैं।

बिहार पुलिस ने बताया है कि 16 जून 2022 से अब तक बिहार में ऐसे मामलों में 922 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है।

इन पर सरकारी संपत्ति को नुक़सान पहुंचाने, आगजनी और तोड़फोड़ के आरोप लगाए गए हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार पुलिस ने इन मामलों में अब तक 161 एफआईआर भी दर्ज की है।
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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