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गौतम गंभीर टीम इंडिया के अगले हेड कोच होंगे

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भारत की राष्ट्रपति के अभिभाषण पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्या कहा?

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एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स और नासा के बीच 84.3 करोड़ डॉलर का सौदा

एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स और नासा के बीच 84.3 करोड़ डॉलर का सौदा

गुरुवार, 27 जून, 2024

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा और एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के बीच 84.3 करोड़ डॉलर का समझौता हुआ है।

इस समझौते के अनुसार 2030 में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) की मियाद पूरी होने के बाद उसे वापस धरती पर लाने में स्पेसएक्स की अहम भूमिका होगी।

समझौते के तहत लगभग 430 टन के आईएसएस को धरती पर वापस लाने के लिए स्पेसएक्स डीऑर्बिट व्हीकल नाम का अंतरिक्षयान बनाएगा।

साल 2030 में आईएसएस की मियाद पूरी हो जाएगी। इसे बनाने के लिए 1980 के दशक में अंतरिक्ष में इसके हिस्सों को एक-एक कर भेजा गया था।

नासा का कहना है कि अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद आईएसएस अंतरिक्ष में तैरकर स्पेस कचरे का हिस्सा बन जाएगा, और ये वापस धरती पर गिर सकता है। अगर इसके गिरने को नियंत्रित न किया गया तो इससे आबादी के लिए जोखिम पैदा हो सकता है।

1998 से पांच स्पेस एजेंसियां- अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा, कनाडाई स्पेस एजेंसी सीएसए, यूरोपीय स्पेस एजेंसी ईएसए, जापान की स्पेस एजेंसी जाक्शा और रूसी स्पेस एजेंसी रॉसकॉसमॉस अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के रखरखाव और ज़रूरतों का काम करती रही हैं।

नासा का कहना है कि आईएसएस को सुरक्षित तरीके से डीऑर्बिट करना और वापस लाना पाचों एजेंसियों की ज़िम्मेदारी है।

ये स्टेशन धरती से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में मौजूद है और हर 90 मिनट पर धरती का एक चक्कर लगाता है।

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भारत के प्रधानमंत्री को रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला

भारत के प्रधानमंत्री को रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला

मंगलवार, 9 जुलाई 2024

रूस और ऑस्ट्रिया के तीन दिवसीय दौरे पर गए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्रेमलिन में रूस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, 'ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल' से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मोदी ने कहा, "मैं रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल' पाकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। मैं इसे भारतीय नागरिकों को समर्पित करता हूं।''

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल से सम्मानित किया।

इस अवसर पर मोदी ने कहा, "महामहिम और मेरे मित्र राष्ट्रपति पुतिन को रूस के सर्वोच्च अवॉर्ड से सम्मानित करने के लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं।''

"ये सम्मान केवल मेरा सम्मान नहीं है। यह 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान है। यह भारत और रूस की सदियों पुरानी गहरी मित्रता और आपसी विश्वास का सम्मान है।''

अपने संबोधन में मोदी ने कहा, ''महामहिम पिछले लगभग ढाई दशक से आपके नेतृत्व में भारत और रूस के संबंध हर दिशा में मज़बूत हुआ हैं।  और हर बार नई ऊचाइयों को प्राप्त करते रहे हैं। आपने दोनों देशों के बीच जिन रणनीतिक संबंधों की नींव रखी थी वो गुज़रते वक्त के साथ गहरी होती गई है।''

मोदी ने कहा, "आज भी हमने सभी क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मज़बूत करने के नए और अहम फ़ैसले किए हैं। हमारे संबंध केवल दोनों देशों के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए अहम हैं।''

मोदी ने कहा, ''वैश्विक वातावरण में भारत और रूस की पार्टनरशिप और भी अहम हो जाती है। हम दोनों विश्वास रखते हैं कि वैश्विक स्थिरता और शांति के लिए लगातार कोशिश करते रहना चाहिए।''


गौतम गंभीर टीम इंडिया के अगले हेड कोच होंगे

गौतम गंभीर टीम इंडिया के अगले हेड कोच होंगे

मंगलवार, 9 जुलाई 2024

भारत में बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी है कि पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर भारतीय क्रिकेट टीम के अगले हेड कोच होंगे।

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है, "मैं अत्यंत खुशी के साथ गौतम गंभीर का भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच के तौर पर स्वागत करता हूँ। आधुनिक क्रिकेट तेज़ी से बदल रही है और गौतम ने इस बदलते परिदृश्य को करीब से देखा है।''

"अपने पूरे करियर में कठिनाइयों को सहने और अलग-अलग भूमिकाओं में बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद, मुझे यक़ीन है कि गौतम भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए आदर्श व्यक्ति हैं।''

"टीम इंडिया के लिए स्पष्ट दृष्टिकोण और विशाल अनुभव उन्हें इस रोमांचक कोचिंग भूमिका को निभाने के लिए पूरी तरह से सक्षम बनाता है।  भारतीय क्रिकेट बोर्ड उन्हें इस नई यात्रा के लिए पूरा समर्थन देता है।''

हेड कोच की ज़िम्मेदारी के लिए गौतम गंभीर के नाम पर चर्चा पिछले कुछ दिनों से चल रही थी।

गौतम गंभीर 2019 में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े और पूर्वी दिल्ली से सांसद भी चुने गए। वे सरकार और बीसीसीआई में सबसे ताक़तवर शख़्स के करीबी भी रहे। इसके बाद उन्होंने राजनीति छोड़ दी।

फोर्ब्स लीडरशिप इवेंट में गौतम गंभीर  ने कहा था, "मैंने राजनीति में भी किस्मत आजमायी। एक चीज़ जो मैं कह सकता हूं कि मैंने कभी हार नहीं मानी।  अच्छी नीयत और पूरी ईमानदारी से जितना संभव था, उतना देने की कोशिश की। लेकिन हां, कभी-कभी किसी मोड़ पर आपको फ़ैसला लेना होता है कि आपके दिल के क़रीब क्या है...और मेरा दिल क्रिकेट के साथ है और मैं क्रिकेट में लौट गया।''

जून 2024 की शुरुआत में अबू धाबी में एक इवेंट में गौतम गंभीर ने कहा, "मैं भारतीय टीम का कोच बनना पसंद करूंगा। अपनी राष्ट्रीय टीम को कोचिंग देने से बड़ा कोई सम्मान नहीं है। आप 140 करोड़ भारतीयों और देश से बाहर रहने वाले भारतीयों का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं।''

भारतीय क्रिकेट टीम के नए कोच को लगातार तीन साल तक काम करने का मौका मिलेगा। इतना उदार कार्यकाल भारतीय क्रिकेट के सबसे कामयाब कोचों - जॉन राइट, गैरी कर्स्टन, रवि शास्त्री और राहुल द्रविड़ को भी नहीं मिला।

फ्रांस: धुर दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल रैली की नेता मरीन ली पेन के ख़िलाफ़ जांच शुरू

फ्रांस: धुर दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल रैली की नेता मरीन ली पेन के ख़िलाफ़ जांच शुरू

मंगलवार, 9 जुलाई 2024

फ्रांस में धुर दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल रैली की नेता मरीन ली पेन के 2022 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के ख़िलाफ़ जांच शुरू हुई है।

पेरिस में वकीलों ने कहा कि वो गबन, फर्जीवाड़ा और जालसाज़ी के आरोपों की जांच करेंगे। जांच की प्रक्रिया एक सप्ताह पहले शुरू हुई है।

दरअसल, 2023 में आई नेशनल कमीशन ऑन कैंपेन अकाउंट्स एंड पॉलिटिकल फाइनेंसिंग की रिपोर्ट के बाद जांच शुरू हुई है।

ये आयोग उम्मीदवारों के खर्चे और फंडिंग की जांच करता है। हालांकि अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है कि जांच क्यों शुरू हुई है और न ही मरीन ली पेन ने कोई प्रतिक्रिया दी है।

फ्रांस के चुनाव में नेशनल रैली को पहले दौर में सबसे ज्यादा वोट मिले थे।  लेकिन दूसरे दौर में वो पिछड़ कर तीसरे नंबर पर आ गई।

वहां, वामपंथी दलों के गठबंधन न्यू पॉपुलर फ्रंट को सबसे ज्यादा वोट मिले जबकि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पार्टी दूसरे नंबर पर रही है।

यूक्रेन पर रूस के मिसाइल हमलों को लेकर बाइडन ने क्या कहा?

यूक्रेन पर रूस के मिसाइल हमलों को लेकर बाइडन ने क्या कहा?

मंगलवार, 9 जुलाई 2024

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन पर किए जा रहे रूसी मिसाइल हमलों की निंदा की है।

इन हमलों में अभी तक 38 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। बाइडन ने कहा है कि ये हमले 'रूसी बर्बरता की भयावह याद' दिलाते हैं।

इसके साथ ही उन्होंने यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को मज़बूत करने की भी प्रतिबद्धता जताई।

ताज़ा रूसी हमलों में अभी तक 38 लोगों की मौत हुई है और 190 लोग घायल हुए हैं। इनमें सोमवार, 8 जुलाई 2024 को कीएव में बच्चों के अस्पताल पर किए गए हमलों के दौरान घायल भी शामिल हैं।

बाइडन का ये बयान ऐसे समय में आया है जब मंगलवार, 9 जुलाई 2024 को अमेरिका में नेटो का सम्मेलन होने जा रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि बैठक में यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को और बढ़ावा देने की घोषणा की जाएगी।

इस दौरान नेटो देशों के 32 सदस्य देश, उनके सहयोगी देश और यूरोपियन यूनियन भी नेटो की 75वीं सालगिरह मनाने के लिए जुटेंगे।

बाइडन ने कहा कि वे यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की और दूसरे नेटो नेताओं का स्वागत करेंगे। इस सम्मेलन में यूक्रेन पर हो रहे रूसी हमलों से सुरक्षा और उनके बचाव पर फोकस रहेगा।

बाइडन ने कहा कि हम यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए नए उपायों का ऐलान करेंगे ताकि उनके शहरों और नागरिकों को रूसी हमलों से बचाने में सहायता मिल सके।

बाइडन ने कहा, "मैं यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से भी मिलूंगा ताकि उनको यह भरोसा दिला सकूं कि यूक्रेन के लिए हमारा समर्थन अटूट है।''

यूक्रेन की गुज़ारिश पर मंगलवार, 9 जुलाई 2024 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की भी बैठक हो रही है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने यूक्रेन पर रूस के मिसाइल हमले की निंदा करने में पश्चिमी अधिकारियों का साथ दिया।

वहीं कीएव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने राजधानी पर हुए घातक हमलों के बाद मंगलवार, 9 जुलाई 2024 को शोक दिवस घोषित किया है।

हाथरस सत्संग हादसे में एसडीएम, सीओ समेत छह अफ़सर निलंबित

हाथरस सत्संग हादसे में एसडीएम, सीओ समेत छह अफ़सर निलंबित

मंगलवार, 9 जुलाई 2024

भारत के राज्य उत्तर प्रदेश सरकार ने हाथरस मामले में एसडीएम, सीओ (क्षेत्राधिकारी) समेत छह अफ़सरों को निलंबित कर दिया है।

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि हाथरस सत्संग हादसे की जांच के लिए बनी एसआईटी की रिपोर्ट के बाद ये कार्रवाई की गई है।

रिपोर्ट में हादसे के लिए किसी साज़िश से इनकार नहीं किया गया है।

इसमें ये भी कहा कि आयोजकों की लापरवाही से हादसा हुआ। आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों को बुलाया गया लेकिन उनके लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।

रिपोर्ट के मुताबिक़, स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने आयोजन को गंभीरता से नहीं लिया।

उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस बारे में ठीक से जानकारी नहीं दी।

हाथरस हादसे की गहन जांच के लिए न्यायिक आयोग भी अपनी कार्यवाही शुरू कर चुका है।

दो जुलाई 2024 को हाथरस के सिकन्द्राराऊ इलाके में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इसकी जांच के लिए एसआईटी बनाई थी।

जम्मू-कश्मीर: कठुआ में पाँच भारतीय सैनिकों के मारे जाने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने क्या कहा?

जम्मू-कश्मीर: कठुआ में पाँच भारतीय सैनिकों के मारे जाने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने क्या कहा?

मंगलवार, 9 जुलाई 2024

भारत के जम्मू-कश्मीर के कठुआ में भारतीय सैनिकों पर हुए आतंकी हमले पर भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुख जताया है।

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर राजनाथ सिंह ने लिखा, "कठुआ के बदनोटा में एक आतंकवादी हमले में हमारे पाँच बहादुर सैनिकों की मौत पर मुझे गहरा दुख है।''

"शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इस कठिन समय में देश उनके साथ मज़बूती से खड़ा है। आतंकवाद विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं और हमारे सैनिक क्षेत्र में शांति और व्यवस्था कायम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।''

राजनाथ सिंह ने इस आतंकी हमले में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

सोमवार, 8 जुलाई 2024 को जम्मू-कश्मीर के कठुआ ज़िले में भारतीय सेना के काफ़िले पर हमला हुआ था, जिसमें पांच सैनिकों की मौत हो गई थी और पांच सैनिक घायल हो गए। इसके बाद से पूरे इलाके में सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

'चंद्रशेखर के मृत्यु से एक राजनीतिक युग का अंत हुआ'

'चंद्रशेखर के मृत्यु से एक राजनीतिक युग का अंत हुआ'

सोमवार, 8 जुलाई 2024

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के 17 वें पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवहर की जनता दल यूनाइटेड की सांसद लवली आनंद ने किया।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए लवली आनंद ने चंद्रशेखर को याद करते हुए कहा कि चंद्रशेखर के न रहने से समाजवाद का पौधा सूखता जा रहा है। हमें चंद्रशेखर के वास्तविक उद्देश्यों और उनके समाजवाद को आज की युवा पीढ़ी में एक विचार के रूप में प्रसारित करना चाहिए जिससे चंद्रशेखर के विचार को अमर रखा जा सके।

भारत के राज्य उत्तर प्रदेश के बस्ती के पूर्व सांसद और बहुजन समाज पार्टी के नेता लालमणि प्रसाद ने चंद्रशेखर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके द्वारा स्वच्छ और निःस्वार्थ राजनीति पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, जनता दल यूनाइटेड के नेता और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने श्रद्धांजलि देते हुए चंद्रशेखर के साथ अपने बिताए हुए दिन को याद किया। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर की स्वच्छ राजनीति की परिकल्पना आज के समय में हास्यापद होगा। चंद्रशेखर भारतीय राजनीति के वो पहलू हैं जिन्होंने कभी कोई दल नहीं छोड़ा बल्कि दलों ने उन्हें  छोड़ा है। अपने कार्यकाल में उन्होंने देश को अग्रणी बनाने लिए अहम फैसले लिये।

हरिवंश ने चंद्रशेखर के साथ राजनीति के अनेकों पहलू सीखने का जिक्र करते हुए कहा कि चंद्रशेखर साहस के जीवंत उदाहरण थे। उन्होंने अपने मान्यताओं और उसूलों के साथ कोई समझौता नहीं किया।

बिहार के पूर्व मंत्री अखलाक अहमद ने चंद्रशेखर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश को आजादी गांधी ने दिलाई मगर समाजवाद को धरातल पर जीवंत चंद्रशेखर ने रखा। अखलाक अहमद ने चंद्रशेखर के द्वारा लिखी गई जेल डायरी के कुछ हिस्से का जिक्र करते हुए कहा कि चंद्रशेखर ने इंदिरा सरकार के सामने झुकने से नकार दिया और कहा कि सत्य के लिए लड़ते रहो, मगर सत्ता के आगे मत झुको।

राजस्थान के पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता राजेंद्र सिंह राठौड़ ने चंद्रशेखर की तस्वीर को फूल माला से श्रद्धांजलि अर्पित किया। चंद्रशेखर को याद करते हुए राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि अपनी उसूलों के प्रति अडिग रहे। उनका स्वभाव युवाओं में समाजवाद की विचारधारा को गढ़ने का था। उन्होंने अपनी मित्रता में सच्चे साथी के तौर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता भैरव सिंह शेखावत की गिरती हुई सरकार को गिरने से बचाया।

नारद राय ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए चंद्रशेखर के बारे में बताया कि चंद्रशेखर ने अपनी उसूलों से कभी समझौता नहीं किया। क्या खोया? क्या पाया? इससे उनका कोई लेना-देना नहीं था।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राम बहादुर राय ने चंद्रशेखर की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि चंद्रशेखर अमर है। वह अमर इसलिए है कि उन्होंने देश को ऐसी विचारधारा दी है जो कि उनको हमेशा अमर रखेगा।

राम बहादुर राय ने चंद्रशेखर के प्रधानमंत्री बनने की घटना को एक दुर्घटना बताते हुए कहा कि चंद्रशेखर कभी भी प्रधानमंत्री बनने के लिए राजनीति नहीं करते थे। चंद्रशेखर को हम इसलिए याद करते हैं क्योंकि उन्होंने अपने उसूलों के साथ कोई भी समझौता नहीं किया।

आनंद मोहन ने चंद्रशेखर को श्रद्धांजलि पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि चंद्रशेखर के मृत्यु से एक राजनीतिक युग का अंत हुआ। चंद्रशेखर समाजवाद के सबसे बड़े पुरोधा थे।